कच्चे तेल की कीमतें

कच्चे तेल की कीमतें 2 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर – सऊदी कीमत बढ़ोतरी, हौथी हमला और ओपेक+ फैसलों का असर

कच्चे तेल की कीमतें 2 हफ्तों के उच्चतम स्तर पर

कच्चे तेल (Crude Oil) की वैश्विक कीमतें आज दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। सऊदी अरब द्वारा एशियाई खरीदारों के लिए अपने प्रमुख क्रूड “अरब लाइट” की कीमतों में उम्मीद से अधिक वृद्धि और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव ने इस तेजी को हवा दी। हालांकि, डॉलर की मजबूती और ओपेक+ की ओर से अधिक उत्पादन वृद्धि की घोषणा के चलते कीमतों में हल्की गिरावट भी देखी गई।

कच्चे तेल की कीमतें
कच्चे तेल की कीमतें

सऊदी अरब ने कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने बढ़ाया बाजार भरोसा

सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको (Aramco) ने एशिया के लिए अपने अरब लाइट क्रूड की कीमत में 1 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जबकि बाजार में केवल 65 सेंट की वृद्धि की उम्मीद थी। यह निर्णय एशिया के तेल बाजार में मांग को मजबूत संकेत देता है, जिससे बाजारों में तेजी का रुझान बना।

लाल सागर में हौथी विद्रोहियों का हमला – तनाव के बाद कच्चे तेल की कीमतें  उछलीं

मध्य पूर्व में अस्थिरता और यमन के हौथी विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में एक मर्चेंट जहाज पर हमले की जिम्मेदारी लेने के बाद भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है। यह 2025 में समुद्री व्यापार पर हौथी समूह का पहला हमला है। इसके जवाब में संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की अटकलों से भी बाजार में तेल की कीमतों को सहारा मिला।

ओपेक+ ने बढ़ाया उत्पादन – बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति की आशंका

तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक+ ने 1 अगस्त 2025 से अपने उत्पादन में 548,000 बैरल प्रति दिन (BPD) की वृद्धि की घोषणा की है, जो कि पहले की अपेक्षा (411,000 BPD) से अधिक है। इससे वैश्विक आपूर्ति बढ़ने की संभावना बनती है, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।

सऊदी अरब ने संकेत दिया है कि वह आगे और अतिरिक्त उत्पादन वृद्धि भी कर सकता है। इसे तेल कीमतों को नीचे लाने और इराक व कज़ाकिस्तान जैसे ओपेक+ देशों पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका में कच्चे तेल का उत्पादन और भंडार

  • अमेरिकी EIA की हालिया रिपोर्ट के अनुसार:

    • 27 जून को समाप्त सप्ताह में कच्चे तेल का भंडार 5-वर्षीय औसत से 9.3% कम रहा।

    • गैसोलीन भंडार 0.7% कम और

    • डिस्टिलेट भंडार 21% कम था।

  • अमेरिका का कच्चा तेल उत्पादन 13.433 मिलियन बैरल प्रति दिन पर स्थिर रहा, जो दिसंबर 2023 में रिकॉर्ड 13.631 मिलियन बैरल से थोड़ा कम है।

    अमेरिकी तेल रिग्स की संख्या में गिरावट

    बेकरी ह्यूजेस की रिपोर्ट के अनुसार, 4 जुलाई को समाप्त सप्ताह में यूएस एक्टिव ऑयल रिग्स की संख्या 7 घटकर 425 हो गई, जो 3.75 सालों का सबसे निचला स्तर है। दिसंबर 2022 में यह संख्या 627 थी, जो अब तक का उच्चतम स्तर रहा।

    वैश्विक तेल स्टोरेज और टैरिफ संबंधी चिंताएं

    दुनिया भर में समुद्री टैंकरों पर संग्रहित कच्चे तेल की मात्रा में भी वृद्धि देखी गई है। Vortexa की रिपोर्ट के अनुसार, 4 जुलाई तक संग्रहित तेल 3.6% बढ़कर 79.55 मिलियन बैरल हो गया, जो तेल बाजार के लिए मंदी का संकेत है।

    इसके साथ ही, 9 जुलाई तक संभावित टैरिफ प्रतिबंध को लेकर भी बाजार चिंतित है, जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि जिन देशों ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता नहीं किया है, उनके आयात पर पारस्परिक टैरिफ लगाए जाएंगे।


    निष्कर्ष: आगे क्या?

    वर्तमान परिस्थितियों में, तेल की कीमतों पर कई विरोधाभासी कारकों का दबाव है – एक ओर भू-राजनीतिक तनाव और सऊदी की कीमतें बढ़ने से तेजी, वहीं दूसरी ओर ओपेक+ की बढ़ती आपूर्ति और टैरिफ चिंता से मंदी का असर। निवेशकों को आने वाले हफ्तों में अमेरिकी टैरिफ नीति, ओपेक+ की अगली रणनीति और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नज़र रखनी चाहिए।

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